मी टू पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जांच कमेटी पर मंत्रालय का दावा है कि एक दो दिन में एलान हो जायेगा। उधर कैंपेन को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर महिला संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। भारतीय महिला प्रेस क्लब ने गृहमंत्री, महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग को चिट्टी लिख इस मामले में न्याय की गुहार लगाई। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक कमेटी में सदस्यों की संख्या जो कि पांच होगी को लेकर बातचीत जारी है। इसके अलावा अगर यह कमेटी जस्टिस वर्मा कमेटी की तर्ज पर है तो इसकेलिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
साथ ही कमेटी की जांच समयावधि और नियमावली भी इसी के मुताबिक तय करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। अधिकारी के मुताबिक इस पर एक दो दिन में फैसला हो जाएगा। आईडब्ल्यूपीसी की गृहमंत्री को लिखी चिट्टी में कहा गया है कि महिला पत्रकार अपने आप को खासा ठगा सा महसूस कर रही है। केंद्र की एनडीए सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ कई महिला पत्रकारों द्वारा यौन उत्पीडन और यौन उत्पीडन के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद अब तक केंद्र सरकार और मंत्रालय ने विदेश मामलों में राज्य मंत्री की शिकायतों की लंबी सूची के बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर यौन उत्पीडन के गंभीर आरोपों सहित शिकायतों की औपचारिक जांच तक शुरू नहीं की गई है।
इसके बजाय शिकायतों करने वाली महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया गया। कार्यस्थल पर महिलाओं के अनुकूल माहौल बनाने के लिए संस्थाओं पर दबाव बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है। ताकि महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो सके। इस तरह केआरोपों के प्रकाश में महिला प्रेस क्लब ने उम्मीद जताई है कि सरकार यौन उत्पीडन के मामले में निष्पक्ष जांच कराएगी।