केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर सरकार से कहा है कि पत्थरबाजी और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में जेलों में बंद सभी नाबालिगों को सुधार गृह में भेजा जाए। साथ ही उनके मामलों की हमदर्दी के साथ समीक्षा की जाए। अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर समस्या को लेकर सभी हितधारकों से बातचीत की शुरुआत करने के लिए केंद्र द्वारा विशेष प्रतिनिधि के रूप में दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति के बाद इस आशय का फैसला किया गया है।
इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंच बनाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। राजनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को कश्मीर से संबंधित कोर समूह की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी। इस बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।
इसमें जम्मू-कश्मीर सरकार को नाबालिगों से जुड़े मुद्दे पर काम करने का निर्देश दिया गया। इस घटनाक्रम से अवगत गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कोर समूह की बैठक के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार को पथराव और अन्य अपराधों को लेकर गिरफ्तार किए गए नाबालिगों को सुधार गृहों में भेजने और उनके मामले पर हमदर्दी के साथ विचार करने को कहा गया।
पढ़ें: J&K: सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी, एक साल में 17 युुवाओं ने छोड़ी आतंक की राह
अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जल्द ही नाबालिगों को सुधार गृहों में भेजने और उनके मामलों पर विचार करने की संभावना है। बैठक में केंद्र के विशेष प्रतिनिधि शर्मा के अलावा गृह एवं रक्षा मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों ने भी हिस्सा लिया। शर्मा ने राजनाथ और अन्य को अपने पहले दौर की बातचीत की प्रगति के बारे में अवगत कराया। सतत वार्ता प्रक्रिया के तहत शर्मा जल्द ही फिर राज्य का दौरा करेंगे।