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जम्मू-कश्मीर में 4जी सेवा की बहाली पर केंद्र ने न्यायालय से कहा, कोई अवमानना नहीं हुई

Thu, 16 Jul 2020 07:27 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा की बहाली मामले में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के आगे अपना पक्ष रखा। बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शीर्ष अदालत को बताया कि प्रदेश में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के मुद्दे पर न्यायालय के निर्देशानुसार ही एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
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अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति एन वी रमन न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हो रही सुनवाई के दौरान कहा कि अधिकारियों के विरुद्ध कोई अवमानना का मामला नहीं बनता क्योंकि उन्होंने शीर्ष अदालत के 11 मई के निर्देशों का पालन किया है। 

न्यायालय ने 11 मई को जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की याचिकाओं पर विचार करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में ‘विशेष समिति’ के गठन का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि केंद्रशासित प्रदेश के ‘आतंकवाद से त्रस्त’ रहने के तथ्य के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों को संतुलित तरीके से देखना होगा।
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जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा पिछले साल अगस्त से निलंबित हैं जब केंद्र ने राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी।

इस मामले की बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन से एक सप्ताह के अंदर हलफनामे दाखिल करने को कहा जिनमें समिति के गठन और 4जी इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के आदेशों पर पुनर्विचार करते हुए उसके द्वारा लिए गए फैसलों का विवरण हो।

शीर्ष अदालत केंद्रीय गृह सचिव अैर जम्मू कश्मीर प्रशासन के मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन पर केंद्रशासित प्रदेश में 4जी इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के बारे में विचार करने के लिए विशेष समिति बनाने के न्यायालय के 11 मई के आदेश की जानबूझ कर अवज्ञा करने का आरोप लगाते हुए फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स ने यह याचिका दायर की है।
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इस संगठन का आरोप है कि संबंधित प्राधिकारियों ने अभी तक शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप विशेष समिति का गठन नहीं किया है।
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