बंद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशव्यापी परामर्श में कहा है कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन किया जाए और सामाजिक दूरी बनाए रखी जाए। बता दें कि कांग्रेस, एनसीपी, द्रमुक, सपा, टीआरएस जैसे दलों ने बंद का समर्थन किया है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बताया गया है कि आठ दिसंबर को होने वाले ‘भारत बंद’ के दौरान शांति व्यवस्था व धैर्य बनाए रखा जाए और एहतियाती कदम उठाए जाएं ताकि देश में कहीं भी अप्रिय घटना नहीं हो।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राजेश टिकैत ने कहा, हमारा विरोध शांतिपूर्ण है और हम इस तरह ही इसे जारी रखेंगे। कल का भारत बंद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक है। यह हमारा विरोध दर्ज करने का सांकेतिक विरोध है। यह दिखाना है कि हम भारत सरकार की कुछ नीतियों का समर्थन नहीं करते हैं।
टिकैत ने कहा कि हम आम आदमी के लिए समस्याएं पैदा नहीं करना चाहते। इसलिए, हम सुबह 11 बजे बंद शुरू करेंगे, ताकि वे अपने समय पर कार्यालय के लिए निकल सकें। कार्यालयों में काम के घंटे दोपहर तीन बजे तक समाप्त हो जाएंगे। एंबुलेंस, यहां तक कि शादियों जैसी सेवाएं भी हमेशा की तरह चल सकती हैं।
वाम मोर्चा के अध्यक्ष विमान बोस ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के लोगों से नए कृषि कानूनों के खिलाफ आठ दिसंबर को किसान संगठनों की ओर से आहूत भारत बंद को पूरी तरह सफल बनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इस आंदोलन एवं बंद को सफल बनाएं।
विमान बोस ने 16 वाम दलों और सहयोगी दलों की ओर से यह अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसान केंद्र से कृषि कानूनों एवं बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का यह आंदोलन ऐतिहासिक हो गया है।
व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और ट्रांसपोर्टरों के संगठन आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को बुलाए गए ‘भारत बंद’ से अलग रहने की घोषणा की है। कैट ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को किसानों के ‘भारत बंद’ के दौरान दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बाजार खुले रहेंगे। वहीं एआईटीडब्ल्यू ने भी घोषणा की है कि ‘भारत बंद’ के दौरान परिवहन या ट्रांसपोर्ट क्षेत्र का परिचालन सामान्य बना रहेगा।
किसानों द्वारा बुलाए गए इस भारत बंद को कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दल समर्थन दे रहे हैं। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), द्रमुक, समाजवादी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और वामपंथी दल शामिल हैं। रेलवे यूनियन ने भी भारत बंद को अपना समर्थन दिया है, ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (एआईआरएफ) ने कहा है कि रेलवे यूनियन के सदस्य किसानों के साथ हैं।