केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि कुतुबमीनार परिसर में स्थित मुगल मस्जिद एक संरक्षित स्मारक है। अदालत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा दक्षिणी दिल्ली के मस्जिद में कथित रूप से नमाज बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
जस्टिस मनोज कुमार ओहरी को केंद्र सरकार के सीजीएससी ने अवगत कराया कि यह मुगल मस्जिद संरक्षित है और साकेत जिला कोर्ट में इस मुद्दे से संबंधित मामला लंबित है। सीजीएससी ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने 12 सितंबर तक मामले की सुनवाई तय की।
गत 13 मई को एएसआई ने मुगल मस्जिद में नमाज को प्रतिबंधित कर दिया था। कुतुबमीनार परिसर के पूर्वी गेट पर स्थित मुगल मस्जिद के प्रबंधन कमेटी ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि मुगल मस्जिद एक राजपत्रित वक्फ संपत्ति है और इसमें विधिवत इमाम और मोअज्जिन नियुक्त है।