नरेंद्र मोदी-अमित शाह (फाइल फोटो)
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केंद्र सरकार ने नौकरशाहों से सांसदों और विधायकों के साथ बातचीत के दौरान डेकोरम कायम रखने की नसीहत दी है। यह नसीहत केंद्र व राज्य सरकारों के सभी अधिकारियों के लिए है। इसमें चेहरे के हावभाव, बातचीत का लहजा आदि के लिए तय नियमों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
केंद्र ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के कई मामले सामने आने के बाद सभी राज्यों व केंद्र शासित राज्यों के मुख्य सचिवों को अधिकारियों को उनके कर्तव्य और दायित्व समझाने को कहा है। इसमें विशेष रूप से संसद सत्रों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सांसद और विधायक जनता के प्रतिनिधि हैं और लोकतांत्रिक प्रणाली में इनका विशेष सम्मान है। इनकी गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। अपने कर्तव्यों के संबंध में, वे अक्सर भारत सरकार या राज्य सरकारों के मंत्रालयों/विभागों से जानकारी लेना चाहते हैं, या अपने सुझाव साझा करना चाहते हैं।
हाल में ऐसे कई मामले सामने आये हैं जिनमें नौकरशाह नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके बाद लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने इन नियमों के पालन हेतु अधिकारों को नसीहत जारी करना जरूरी समझा। मंत्रालय के आदेश में स्पष्ट किया गया कि नौकरशाहों द्वारा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।