केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (उल्फा) पर लगे बैन को पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय बताया कि उल्फा हिंसक गतिविधियों, हत्याएं, अपहरण और रंगदारी जैसी गतिविधियों में लिप्त रहा है जिसका मकसद असम को मुक्त कराने के उद्देश्य से भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाना है। इसलिए, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (1967 का 37) की धारा-3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदान की गई शक्तियों के तहत केंद्र सरकार ने उल्फा के साथ-साथ उसके सभी गुटों, मोर्चों और संगठनों को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। यह प्रतिबंध अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है।