केंद्र ने उत्तर-पूर्व में काम करने वाले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को मिलने वाले प्रोत्साहन और विशेष भत्ते को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
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एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि अखिल भारतीय सेवाओं के उत्तर-पूर्व कैडर के अधिकारियों को वास्तविक रूप से उत्तर-पूर्व क्षेत्र में काम करने के लिए देय एक विशेष भत्ते को वापस ले लिया गया है।
यह विशेष भत्ता उनके मूल वेतन का 25 प्रतिशत (अन्य भत्तों के अतिरिक्त) है। सरकार ने 10 फरवरी, 2009 को इस विशेष अनुदान के लिए एक आदेश जारी किया था।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब उत्तर-पूर्व क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार की वजह से संभवत: सरकार ने यह निर्णय लिया है। इससे पूर्व उत्तर-पूर्व को तैनाती के लिए एक मुश्किल क्षेत्र माना जाता था।