'जनगणना में जाति' का फैसला कांग्रेस की जीत
कांग्रेस पार्टी के नेता उदित राज ने कहा, मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। यह कांग्रेस की जीत है। आखिरकार मोदी सरकार को जाति जनगणना करानी पड़ रही है।
महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता का दावा- फैसले के पीछे बिहार में विधानसभा चुनाव
जनगणना में जाति के आंकड़ों को शामिल करने पर महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता विजय वाडेट्टीवार ने कहा, 'हम इस फैसले का स्वागत करते हैं क्योंकि यह हमारी लंबे समय से मांग थी।' हालांकि, उन्होंने इस फैसले को बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, इस फैसले के पीछे बिहार चुनाव ही एकमात्र मकसद हो सकता है।
तेजस्वी ने पिता लालू प्रसाद यादव के संघर्षों को रेखांकित किया
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम रह चुके तेजस्वी यादव ने भी जनगणना में जाति को शामिल किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह हमारी 30 साल पुरानी मांग थी। यह हमारी, समाजवादियों और लालू यादव की जीत है... इससे पहले बिहार के सभी दलों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने हमारी मांग को अस्वीकार कर दिया। कई मंत्रियों ने इससे इनकार किया, लेकिन यह हमारी ताकत है कि उन्हें हमारे एजेंडे पर काम करना पड़ रहा है।'
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी CCPA के फैसले जानकारी
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का एलान कर दिया है। यह जनगणना मूल जनगणना के साथ ही कराई जाएगी। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।'
भाजपा का दावा- जातिगत जनगणना पर कांग्रेस ने महज खानापूर्ति की
जनगणना में जाति को भी शामिल करने के पीछे सरकार की सोच स्पष्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, कांग्रेस कर पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा से ही जातिगत जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद से ही जाति को जनगणना की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया कि जातिगत जनगणना को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसक बाद एक मंत्रिमंडल समूह का गठन किया गया। इसमें ज्यादातर राजनीतिक दलों ने जातिगत जनगणना की संस्तुति की। इसके बावजूद भी कांग्रेस ने महज खानापूर्ति का ही काम किया। उसने महज सर्वे कराना ही उचित समझा।
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