सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म ‘पद्मावत’ को मिले प्रमाणपत्र को निरस्त करने की गुहार वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि फिल्म के रिलीज होने पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा है।
पीठ ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम हमारा नहीं है, यह काम राज्य का है। बृहस्पतिवार को हमने इस संबंध में विस्तृत आदेश दे दिया है। पीठ ने यह भी कहा कि जब केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी दे दी है, तो इसमें दखल का कोई कारण नहीं बनता।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर कुछ राज्यों द्वारा लगाई गई रोक को हटा दिया था। संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित यह फिल्म 25 जनवरी को पूरे भारत में रिलीज होनी है।