फर्जी खबरों का असर किस तरह से किसी के निजी जीवन से लेकर राजनीति को प्रभावित कर सकता है, यह किसी से छुपा नहीं है। वहीं भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कोलंबिया में विश्व चुनाव निकाय संघ (ए-वेब) के कार्यकारी बोर्ड की 11वीं बैठक में फर्जी खबरों का मुद्दा उठाया है।
उन्होंने कहा कि ए-वेब जैसे मंचों के साथ मिलकर चुनाव प्रबंधन निकाय फर्जी खबरों का मुकाबला करने सहित गंभीर चुनौतियों पर मिलकर काम कर सकते हैं, जो दुनिया भर में चुनावी अखंडता को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
बैठक में भाग लेते हुए, उन्होंने कहा कि चुनाव जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने और महत्वपूर्ण पहल करने वाले चुनाव प्रबंधन निकायों के लिए ए-वेब वैश्विक पुरस्कार स्थापित करने की भी वकालत की, जिससे लोगों को अच्छा काम करने की प्रेरणा मिले।
विश्व चुनाव निकाय संघ दुनिया भर में चुनाव प्रबंधन निकायों का सबसे बड़ा संघ है। नेशनल सिविल रजिस्ट्री, कोलंबिया द्वारा बुधवार को "क्षेत्रीय चुनाव 2023 की चुनौतियों पर एक वैश्विक दृष्टिकोण" विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। जिसमें चुनावों से जुड़ी समस्याओं, चुनौतियों जैसे मुद्दे पर चर्चा होती है।
ए-वेब पोर्टल बनाने राजीव कुमार ने की वकालत
राजीव कुमार ने कहा कि एक ए-वेब पोर्टल स्थापित करने के चुनाव आयोग के प्रस्तावों को उठाया, जो चुनावी सर्वोत्तम प्रथाओं और चुनावी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं में सदस्य चुनाव प्रबंधन निकायों द्वारा की गई पहलों के सजोने का काम करेगा और ए-वेब ग्लोबल की स्थापना करेगा। 11वीं ए-वेब कार्यकारी बोर्ड की बैठक के मौके पर, ईसी की इलेक्ट्रॉनिक डाक मतपत्र प्रणाली पर कोरिया गणराज्य के राष्ट्रीय चुनाव आयोग के साथ एक द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। भारत और दक्षिण कोरिया ने चुनाव प्रशासन के क्षेत्र में पारस्परिक रूप से सहयोगात्मक संबंध स्थापित करने के लिए 2012 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।