मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने अपने विदाई भाषण में उन्होंने भ्रामक बयान बाजी पर निशाना साधा। विपक्ष का नाम लिए बिना राजीव कुमार ने विपक्ष की कार्यप्रणालियों को लेकर सवालिया निशान लगाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदान या मतगणना के प्रमुख घंटे के दौरान भ्रामक बयान बाजी का चलन तेजी से बढ़ रहा है, तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की कवायत और मतदाताओं को गुमराह करने के लिए जानबूझकर कार्रवाई की जा रही है। यह ऐसा प्रयास है जो स्वस्थ चुनावी परंपराओं के अनुकूल नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा की चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय और पूर्ण भागीदारी के बाद नतीजे पर सवालिया निशान लगाना उचित नहीं है। यह अवांछनीय है, उन्होंने आयोग की संवैधानिकता का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग इस मामले में पूरी तरीके से संवैधानिक संयम का पालन करता है। राजीव कुमार ने चुनावी खर्चों और चुनावी वादों के लिए वित्तीय पारदर्शिता बरतने का आह्वान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारतीय चुनाव प्रणाली दुनिया की सबसे विशाल और पारदर्शी चुनाव प्रणाली है।
भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी गुणवत्ता के साथ दुनिया के तमाम देशों के लिए प्रेरणा का काम करती है, इसलिए भारत को चाहिए कि अपनी इस सॉफ्ट पावर का फायदा उठाएं । कुमार ने यह भी कहा कि वह पूरे विश्वास के साथ लेकिन परिपक्व लोकतंत्र के हित में ऐसी चालो से बचना ही बेहतर होगा।
राजीव कुमार ने कहा कि 1.5 करोड़ मतदान कर्मियों की प्रतिबद्धता, स्वतंत्रता, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करती है, जिससे प्रणाली में जनता का विश्वास मजबूत होता है। संस्थानों पर प्रेरित और चुनाव बाद हमले उनके विश्वास को हिला नहीं पाएंगे क्योंकि यह 75 साल की विरासत है।
अपनी सेवानिवृत्ति के एक दिन पहले सीईसी राजीव कुमार का इस तरह का बयान सीधे तौर पर विपक्ष पर हमला है, जो चुनाव आयोग पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगता है। विपक्षी दल यह भी कहता है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची में अनियमित एवं से छेड़छाड़, मतदान में गड़बड़ी, चुनाव पूर्व कार्यालय में भेदभाव और इस तरह के अन्य आवश्यक आरोपी के साथ विपक्ष चुनाव आयोग पर मनमानी का आरोप लगता है।
अपने विदाई भाषण में कुमार ने कहा कि आयोग को चाहिए कि वह भविष्य में अनिवासी भारतीयों और प्रवासी श्रमिकों के लिए रिमोट मतदान के प्रावधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर चुनावी पारदर्शिता में बड़ी क्रांति लाई जा सकती है। उन्होंने फर्जी खबरों की रोकथाम के लिए भी कड़े कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा चुनावों में ए आई के प्रयोग से क्रांति लाई जा सकती है। इसमें मतदान केंद्र वार मतदान पैटर्न में गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए एक योगमापी-टोटलाइजर प्रणाली की जरूरत पर भी प्रकाश डाला
2020 में सीईसी बने थे राजीव कुमार
सीईसी राजीव कुमार ने में 2020 में यह पद संभाला था। उसके बाद उन्होंने 15 मई को मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 और जम्मू कश्मीर में एक दशक से अधिक समय बाद हुए विधानसभा चुनाव के कराए। इसके अलावा 2022 में राष्ट्रपति चुनाव और 2023 में कर्नाटक और तेलंगाना चुनाव की देखरेख की जिसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की। इस तरह उन्होंने 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव कराए। जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनाव भी कारण दिल्ली चुनाव उनका आखिरी चुनाव था।