मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा (फाइल फोटो)
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मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सोमवार को कहा कि तीन चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों को अतिरिक्त रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। आयुक्त ने कहा कि बिहार चुनाव कोविड-19 महामारी के बीच दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक अभ्यास है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
सुनील अरोड़ा ने चुनाव पैनल की प्रतिबद्धता को दोहराया कि चुनाव मुक्त, निष्पक्ष, पारदर्शी, वैधानिक और कोविड से सुरक्षित होंगे। बिहार में तैनात किए गए चुनाव पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त अरोड़ा ने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति उसके प्रमुख हिस्सेदार यानी मतदाता में समाहित होती है।
इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से जारी एक बयान में अरोड़ा के हवाले से कहा गया कि 'ऐसे हालातों में मतदाताओं के मन में विश्वास उत्पन्न करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। जिससे मतदाता मतदान के दिन बिना भय के सुरक्षित और मुक्त तरीके से मतदान करने के लिए मतदान केंद्र तक पहुंचे।'
मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों से कहा कि स्थितियों को देखते हुए वह स्थानीय चुनाव मशीनरी के लिए अपनी भूमिका को एक मित्र, दार्शनिक और प्रदर्शक के रूप में समझें। वह उनका साथ दें, उन्हें साथ लेकर चलें और उनके मुद्दों और समस्याओं को सुलझाने में उनकी मदद करें।
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होने जा रहा है। इसमें पहले चरण का मतदान 28 अक्तूबर, दूसरे चरण का मतदान तीन नवंबर और तीसरे चरण का मतदान सात नवंबर को होगा। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त होगा।