सीडीएस अनिल चौहान और जर्मन समकक्ष कार्स्टन ब्रेउर
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भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने रविवार को जर्मनी और सिंगापुर के रक्षा प्रमुखों से द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों का उद्देश्य भारत के रक्षा सहयोग को मजबूत करना और सैन्य साझेदारी को आगे बढ़ाना था।
जनरल चौहान ने पहले जर्मनी के चीफ ऑफ डिफेंस जनरल कार्स्टन ब्रेउर से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को गहरा करने और सैन्य सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई। इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई, जो दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
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जर्मनी के रक्षा प्रमुख से की मुलाकात
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और जर्मनी के रक्षा प्रमुख जनरल कार्स्टन ब्रेउर के बीच रक्षात्मक सहयोग को मजबूत करने पर सार्थक चर्चा हुई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर वार्ता
इसके बाद जनरल चौहान ने सिंगापुर के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स वाइस एडमिरल आरोन बेंग के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की। इस वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, मिलिट्री सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी सैन्य समन्वय) को मजबूत करने पर जोर दिया गया। यहां भी ऑपरेशन सिंदूर चर्चा का मुख्य विषय रहा। इसके साथ ही दोनों देशों ने स्थिर, सुरक्षित और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने का संकल्प लिया।
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सीडीएस चौहान ने चीफ्स ऑफ डिफेंस राउंड टेबल में भी लिया हिस्सा
इसी दिन जनरल चौहान ने सिंगापुर में IISS शांग्री-ला डायलॉग के तहत आयोजित चीफ्स ऑफ डिफेंस राउंड टेबल में भी भाग लिया। इसमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इंडोनेशिया समेत कई देशों के रक्षा प्रमुखों ने भाग लिया और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, उभरते खतरों और रणनीतिक फैसलों पर चर्चा की। इस बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया।