गोरखनाथ मंदिर के महंत आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंदिर में इंट्री से पहले हर आने जाने वाले की चेकिंग होगी और ड्रोन कैमरे से पूरे मंदिर की निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निवास स्थान और दफ्तर में अंजान व्यक्ति को दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने बैठक कर प्लान तैयार करने के साथ ही सुरक्षा का इंतजाम सुनिश्चित कर लिया है। वहीं मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए लखनऊ से एक अधिकारी गोरखपुर पहुंच चुके है।
गोरखनाथ मंदिर में अभी तक लगी सुरक्षा दोगुना से भी ज्यादा कर दी गई है। मंदिर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल होगा। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि दो कंपनी पीएसी मंदिर में लगा दी गई है।
इसके साथ ही मंदिर में दाखिल होने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी, उसके बाद ही इंट्री दी जाएगी। मुख्यमंत्री के निवास स्थान और दफ्तर की ओर किसी भी अंजान को दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। मंदिर में चार जगहों पर बैरीकेडिंग कराकर तलाशी कराई जाएगी। हर बैरीकेडिंग के लिए चार सब इंस्पेक्टर और 16 कांस्टेबल की तैनाती की गई है।
महंत आदित्यनाथ के पास मौजूदा समय में वाई श्रेणी की सुरक्षा है। इसके तहत सीआईएसएफ के दो अफसर और 11 जवानों को पांच एमपी गन के साथ रहते है। सीआईएसएफ जवान 24 घंटे गोरखनाथ मंदिर, दफ्तर और उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मौजूद रहते थे। मगर सीएम प्रोटोकाल के मुताबिक उनकी सुरक्षा बदल जाएगी। अब उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिलेगी।
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