भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फार्मा कंपनियों हिमालय ड्रग कंपनी और इंटास फार्मास्युटिकल्स के साथ उसके वरिष्ठ अधिकारियों और मध्य प्रदेश के दो दवा संगठनों मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (एमपीसीडीए) व इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन (आईसीए) पर 74 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। इन सभी को प्रतिस्पर्धा अधिनियम,2002 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।
आयोग ने पाया कि दोनों दवा संगठनों और फार्मा कंपनियों ने स्टॉकिस्ट के रूप में नियुक्ति से पहले अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल करने की जरूरत को अनिवार्य कर दिया था जिससे मध्य प्रदेश में औषध और दवाओं की आपूर्ति सीमित और नियंत्रित हो गई थी।
सीसीआई ने हिमालय ड्रग पर 18,59,58,000 करोड़ रुपये, इंटास फार्मास्युटिकल्स पर 55,59,68,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह एमपीसीडीए पर 4,18,404 लाख रुपये व आईसीए पर 39,142 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही आयोग ने इन दवा संगठनों के कार्यकलापों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
साथ ही एमपीसीडीए को अपने सदस्यों को अपने सदस्यों के लिए मध्य प्रदेश में छह माह की अवधि में कम से कम पांच प्रतिस्पर्धा जागरूकता और अनुपालन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश भी दिया। इसी तरह से आईसीए को इंदौर जिले में एक प्रतिस्पर्धा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है।