CBSE बारहवीं के पेपर लीक मामले में बवाना स्कूल के दो शिक्षकों और एक कोचिंग शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को स्कूल के प्रिंसिपल से पूछताछ की है। यह पूछताछ उस खबर के बाद की गई जिसमें कहा गया था कि बवाना स्कूल में 26 मार्च को हुई परीक्षा से 2 घंटे पहले लीक पेपर पहुंचा था।
प्रिंसिपल ने दावा किया कि स्कूल में लगे 15
सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। आपको बता दें कि इस मामले में रविवार को
सीबीएसई के अधिकारी के एस राणा को सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। उनसे आज पूछताछ होगी।
पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आरोपी पहले भी कई पेपर लीक करने में शामिल हो सकता है। इस साल और भी पेपर लीक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दिल्ली पुलिस इस बात पर ध्यान दे रही है कि कैसे गणित के पेपर को 4 व्हाट्सएप ग्रुपों में फैलाया गया। हर ग्रुप में 60 से ज्यादा सदस्य थे। हालांकि पुलिस पश्चिमी दिल्ली के कई स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को स्कैन कर रही है।
आपको बता दें कि प्रोटोकॉल के मुताबिक परीक्षा से एक दिन पहले पेपर को सरकारी बैंकों में रखा जाता है और CBSE के अधिकारियों के द्वारा सेंटर्स पर ले जाया जाता है। पेपर्स को प्रिंसिपल की कस्टडी में रखा जाता है, उन पर सील लगी होती है, यह सील तभी खुलती है जब छात्र अपनी सीट पर पेपर देने के लिए बैठ जाता है।