केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को कहा कि यूजीसी ने निजी विश्वविद्यालयों द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। यूजीसी कैपिटेशन फीस सहित कई निर्देशों का एक सेट तैयार किया है साथ ही सभी लोगों से अपने वेबसाइट पर सुझाव मांगे हैं।
निशंक लोकसभा में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि क्या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) चार्जिंग कैपिटेशन शुल्क के प्रचलन को नियंत्रित करने के लिए नियमों को लागू करने पर विचार कर रहा है।
इसका जवाब देते हुए निशंक ने कहा कि आयोग ने यूजीसी नियम 2019 तैयार किया है। इसमें मान्यता प्राप्त निजी संस्थान और बिना मान्यता प्राप्त संस्थान जो खुद को विश्वविद्यालय के रूप में संचालित करते हैं, उनके द्वारा व्यावसायिक शिक्षा के लिए ली जाने वाली फीस से संबंधित नियम हैं।
इन नियमों को सभी लोगों को देखने-समझने और जरूरत अनुसार अपनी राय के लिए यूजीसी की वेबसाइट पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों से उनकी राय प्राप्त होने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।