सीबीआई ने तत्कालीन यूपीए सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय माकन की शिकायत पर एक मुकदमा दर्ज किया था। माकन ने कहा था कि कुछ लोगों ने उनके लैटरहेड का इस्तेमाल करते हुए 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बिजनेस वीजा की शर्तों में ढील देने की मांग वाला जाली पत्र भेजा था।
सीबीआई ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट में जगदीश टाइटलर और अभिषेक वर्मा को भी आरोपियों में शामिल किया था। ट्रायल कोर्ट ने 9 दिसंबर, 2015 को टाइटलर और वर्मा के खिलाफ धारा 420, 471, 120 बी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए थे।