पश्चिम बंगाल में माध्यमिक विद्यालयों में नौकरी की भर्तियों में हुई गड़बड़ी को लेकर अदालत की निगरानी में केंद्रीय एजेंसियां लगातार जांच कर रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने रविवार को पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीबीएसई) के मुख्यालय का दौरा किया और कुछ दस्तावेजों की जांच की।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि उसके अधिकारी दोपहर में करीब दो घंटे साल्ट लेक टाउनशिप स्थित बोर्ड के मुख्यालय निवेदिता भवन में रहे। सीबीआई अधिकारी कथित अनियमितताओं से संबंधित कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गए।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुछ रिक्तियों पर किसे और कैसे नियुक्त किया गया है। डब्ल्यूबीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारियों ने एजेंसी को पूरा सहयोग दिया।
अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं था कि सीबीआई की एक टीम ने हमारे कार्यालय पर छापा मारा था। जाहिर तौर पर चल रही जांच के हिस्से के रूप में एक सीबीआई अधिकारी आया था, और कुछ कमरों को अनलॉक करने के बाद कुछ कागजात देखे। वह फिर चला गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीबीएसई) प्रणाली में पारदर्शिता के लिए खड़ा है।
उन्होंने कहा कि जांच जारी है और अगर अतीत में कोई अनियमितता हुई है, तो बोर्ड एजेंसियों द्वारा उन्हें सही करने के लिए जो भी कहा जाएगा, वह करेगा। हमारे पास इस पर टिप्पणी करने के लिए और कुछ नहीं है। सरकारी प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में सीबीआई और ईडी द्वारा कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के पूर्व अध्यक्ष सुबिरेश भट्टाचार्य, एसएससी के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा और डब्ल्यूबीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं। सीबीआई ने शनिवार को मामले की जांच के सिलसिले में डब्ल्यूबीबीएसई के एक अधिकारी से पूछताछ की।