केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तत्काल प्रभाव से दो डीआईजी, 14 एसपी और तीन एएसपी का तबादला कर दिया है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने दी। जांच एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले की जांच कर रहे डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अभय सिंह को दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा में नियुक्त किया गया है। वह अभी कोलकाता में विशेष अपराध शाखा में थे। हालांकि वह मुजफ्फरपुर मामले की जांच जारी रखेंगे।
प्रशासनिक अधिकारी कार्मिक डीपी सिंह के हस्ताक्षरित आदेश में साफ कहा गया है कि जो भी अधिकारी किसी भी कोर्ट के आदेशानुसार किसी मुकदमे या मामले की जांच या निगरानी कर रहे हैं, वे अपना काम बदस्तूर जारी रखेंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि इसे सीबीआई निदेशक की ओर से भी मंजूरी मिल गई है।
डीआईजी नितिन दीप ब्लागन को अहम एंटी करप्शन यूनिट के साथ ही एसी-वी यूनिट की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोलकाता स्थित आर्थिक अपराध चतुर्थ यूनिट के एसपी पार्थ मुखर्जी को मुख्यालय में एआईजी नीति के तौर पर लाया गया है। वह विवेक प्रियदर्शी की जगह लेंगे जिनका तबादला जयपुर किया गया है। पार्थ की यूनिट चिट फंड मामले की जांच कर रही थी। प्रियदर्शी ने 2जी स्पेक्ट्रूम मामले की जांच का नेतृत्व किया था। आर्थिक अपराध-तृतीय यूनिट में एसपी विजयेंद्र बिदारी का तबादला इंटरपोट कोआर्डिनेशन यूनिट में किया गया है। वह एजेंसी की सिस्टम विंग को भी देखेंगे।
अगस्ता वेस्टलैंड, विजय माल्या और अन्य मामलों की जांच टीम का हिस्सा रहीं किरण एस को एसी-वी यूनिट में भेजा गया है। जिन अन्य अधिकारियों का तबादला या अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है उनमें एसपी अभिषेक दुलार, अनूप टी मैथ्यू, राजपाल मीणा, श्रियास ए, जयदेवन ए, सुधांशु धर मिश्रा, पीके मांझी, जय नारायण राणा, सांतनु कर और पीके पांडेय हैं। एएसपी संजय कुमार सिन्हा, एसडी मिश्रा और गजानंद बैरवा का भी तबादला किया गया है।