केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने राजीव गांधी राष्ट्रीय शिशु सदन योजना (क्रेच योजना) में कथित तौर पर हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच अपने हाथ में ले ली है। इस योजना का कार्यान्वयन करने वाली एजेंसियों में भारतीय बाल कल्याण परिषद भी एक थी। अधिकारियों ने गुरुवार को इसके बारे में जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसकी जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ली है। इससे पहले इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट ने योजना में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट ने केंद्र को यह देखने का निर्देश दिया था कि इस मामले की जांच सीबीआई जैसी एजेंसी से कराने की आवश्यकता है या नहीं।
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योजना की जांच के दौरान पता चला था कि आईसीसीडब्ल्यू को मिले धन को राज्य परिषदों को वितरित करने के तरीके में कई अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि शिशु सदनों की संख्या और उनमें नामांकित बच्चों की संख्या के बारे में जमीनी स्थिति जाने बिना धन वितरित किया गया था और अतिरिक्त धन की मांग की गई थी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की यह योजना 2016 तक लागू थी। भारतीय बाल कल्याण परिषद(आईसीसीडब्ल्यू) के अनुसार, 2015-16 में देश भर में 5,029 शिशु सदन काम कर रहे थे।