सीबीआई ने बालासोर रेल हादसे मामले में प्राथमिकी दर्ज का ली है। इसी के साथ केंद्रीय एजेंसी ने मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ का संकेत मिलने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए भीषण ट्रेन हादसे में तोड़फोड़ व बाहरी हस्तक्षेप की आशंका के बीच सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीआई टीम ने मंगलवार को पटरियों व सिग्नल रूम का निरीक्षण किया और बहनगा बाजार स्टेशन पर तैनात अधिकारियों से पूछताछ की।
फॉरेंसिक टीम ने भी सिग्नल रूम के कर्मचारियों से बात की। अफसरों ने कहा कि सीबीआई को रेलवे की कार्यप्रणाली की विशेषज्ञता नहीं है, ऐसे में रेल सुरक्षा व फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद की जरूरत हो सकती है। दरअसल, खुर्दा रोड मंडल के डीआरएम रिंकेश रॉय ने सिग्नल प्रणाली में छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
इस बीच, ओडिशा सरकार ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या को संशोधित कर 288 कर दिया। मुख्य सचिव पीके जेना ने मंगलवार को कहा, सोमवार तक 275 मौतों की पुष्टि की गई थी। शवों के सत्यापन के बाद आंकड़ा बढ़कर 288 हो गया है। इनमें से 205 की पहचान कर शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। बाकी शवों को पहचान के लिए एम्स व अन्य अस्पतालों में रखा गया है। जीआरपी ने कहा, कोरोमंडल से बरामद 40 शवों पर बाहरी चोट के निशान नहीं थे। ऐसे में उनकी करंट लगने से मौत की आशंका है।
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रेल सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद लगेगी
जानकारी के मुताबिक, एजेंसी को मामले की तह तक जाने के लिए रेल सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता लेनी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए भी है कि रेलवे के कामकाज के संबंध में सीबीआई के पास बहुत कम विशेषज्ञता है।
जीआरपी की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया मामला
निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए केंद्रीय एजेंसी ने तीन जून को बालासोर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 337, 338, 304-ए (लापरवाही से मौत) और 34 (समान मंशा) और रेलवे अधिनियम की धारा 153 (रेलवे यात्रियों के जीवन को खतरे में डालने वाला काम), 154 और 175 (जीवन को खतरे में डालना) के तहत दर्ज प्राथमिकी को अपने हाथ में ले लिया है।
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बाद में धाराएं जोड़ या हटा सकते हैं
प्रक्रिया के मुताबिक, सीबीआई स्थानीय पुलिस के मामले को अपनी प्राथमिकी के रूप में फिर से दर्ज करती है। इसके बाद जांच शुरू की जाती है। केंद्रीय एजेंसी अपनी जांच के बाद प्राथमिकी में धाराएं जोड़ या हटा सकती है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों के साथ बैठक की
बालासोर से दिल्ली लौटे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन दुर्घटना के बाद बचाव और बहाली कार्य की समीक्षा की। इसके लिए उन्होंने मंगलवार को अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। शाम करीब पांच बजे शुरू हुई वर्चुअल बैठक कुछ घंटों तक चली। सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को रेलवे नेटवर्क को बाहरी तत्वों से पूरी तरह छेड़छाड़ मुक्त बनाने की योजना पर युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया।