देशभर में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल ठगी के मामलों को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान को 'ऑपरेशन चक्र-V' नाम दिया गया है। इसके तहत बुधवार को सीबीआई ने देश के सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में एक साथ छापेमारी की। इसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो साइबर फ्रॉड के जरिए कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने में शामिल थे।
सीबीआई की यह कार्रवाई दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, केरल, पंजाब, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में की गई। इन राज्यों में कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, बैंक खाता खोलने से संबंधित दस्तावेज, केवाईसी पेपर्स और लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड जब्त किया है। ये दस्तावेज कई साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए गए 'म्यूल बैंक खातों' से जुड़े हुए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता था।
तीन साइबर नेटवर्क ऑपरेटर्स गिरफ्तार
सीबीआई ने इस ऑपरेशन के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने साइबर फ्रॉड से मिले पैसों को म्यूल अकाउंट्स के जरिए छुपाने और ट्रांसफर करने में मदद की। ये लोग बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले गिरोहों से जुड़े हुए थे और तकनीकी रूप से अपराध को अंजाम देने के लिए जरूरी दस्तावेज और बैंकिंग नेटवर्क तैयार करते थे।
पटना में आयकर अफसरों की गिरफ्तारी से हड़कंप
इस बीच पटना में CBI ने आयकर विभाग के तीन अधिकारियों को दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इनमें एक असिस्टेंट डायरेक्टर (आईआरएस), एक इंस्पेक्टर और एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ शामिल हैं। आरोप है कि ये अधिकारी एक शिकायतकर्ता से पहले से जब्त 13 लाख रुपये छोड़ने और आगे जांच न करने के लिए रिश्वत मांग रहे थे।
ये भी पढ़ें- रोज वैली पोंजी स्कीम के 11883 पीड़ितों को मिले 10.5 करोड़, अब तक 72760 पीड़ितों को दिए गए कुल 55 करोड़
13 लाख रुपये की बरामदगी और सीबीआई का दखल
यह रकम शिकायतकर्ता के बहनोई से पटना एयरपोर्ट पर जब्त की गई थी, जिसकी जानकारी आयकर विभाग को दी गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने रकम छोड़ने की एवज में 2 लाख रुपये की मांग की। शिकायत मिलने पर CBI ने 15 जुलाई को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और सभी आरोपियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया।
ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र में कांग्रेस को बड़ा झटका, पुणे के पूर्व विधायक संजय जगताप BJP में हुए शामिल
साइबर ठग और भ्रष्ट अफसर निशाने पर
CBI की ओर से एक ही दिन में दो बड़े मामलों में की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि एजेंसी अब न केवल साइबर अपराध बल्कि सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त रुख अपना रही है। ऑपरेशन चक्र-V देशभर में साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, पटना में हुई गिरफ्तारी से यह संदेश साफ है कि अब भ्रष्ट अधिकारियों पर भी कानून का शिकंजा तेजी से कस रहा है।