Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच राज्य में 37,695 महिलाएं और लड़कियां लापता हुईं, जिनमें 4,096 नाबालिग थीं। 2021 से मई 2025 तक नाबालिगों से यौन उत्पीड़न के 16,160 मामले दर्ज किए गए। ‘ऑपरेशन शोध’ और ‘ऑपरेशन मुस्कान’ जैसे अभियानों के जरिए हजारों महिलाओं और बच्चों को खोजा गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को बताया कि एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच महाराष्ट्र पुलिस सेवा नागरिक पोर्टल पर 37,695 महिलाओं और लड़कियों के गुमशुदा होने की शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 4,096 मामले 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के थे।
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विधान परिषद में एक सवाल के लिखित जवाब में फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2021 से मई 2025 तक नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ से जुड़े कुल 16,160 मामले पुलिस में दर्ज किए गए। फडणवीस राज्य का गृह विभाग भी संभालते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया, पुलिस पोर्टल पर एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक 4,096 नाबालिग लड़कियों और 33,599 महिलाओं के लापता होने की शिकायतें दर्ज हुईं। नागपुर शहर में जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच लापता लोगों की 5,897 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 776 बच्चे शामिल थे।
एक मौखिक जवाब में फडणवीस ने बताया कि इन 5,897 में से करीब 5,210 लोग यानी करीब 90 फीसदी को खोज लिया गया। उन्होंने कहा कि एक से डेढ़ साल में यह आंकड़ा 96-97 फीसदी तक पहुंचा है, लेकिन 3-4 फीसदी लोग अब भी नहीं मिलते। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई नाबालिग लापता होता है, तो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलिस को अपहरण का मामला दर्ज करना अनिवार्य है।
फडणवीस ने बताया कि पुलिस ने ‘ऑपरेशन शोध’ नाम से एक विशेष अभियान 17 अप्रैल से 15 मई 2025 तक चलाया, जिसमें 4,960 महिलाएं और 1,364 बच्चे खोजे गए। इनमें से 106 महिलाएं और 703 बच्चे पुलिस रिकॉर्ड में लापता थे। इसी तरह, गुमशुदा बच्चों को खोजने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 तक कुल 41,193 बच्चों को खोजा गया।