केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी कारखाना संघ के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने पूर्व एमडी बीके यादव के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की है।
सीबीआई को इस मामले प्रथम दृष्टया पर्याप्त सुबूत मिले हैं। यादव पर आरोप है कि उन्होंने सपा सरकार के दौरान 2013-17 में कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन में जमकर भ्रष्टाचार किया था।
सूत्रों ने बताया कि यूपी सरकार ने 10 नवंबर, 2017 को यादव के खिलाफ आरोपों को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसे इस साल एक अप्रैल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी थी। गौरतलब है कि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, जहां सत्तारूढ़ भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के बीच चुनावी मुकाबला होना है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों से उनकी ग्रेच्युटी के बदले पैसा लेते थे यादव
राज्य सरकार ने इस मामले में लखनऊ के आयुक्त की देखरेख में एक जांच समिति गठित की थी। बीके यादव पर आरोप था कि उन्होंने चीनी मिलों में काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्तियां, प्रमोशन और ट्रांसफर में खूब पैसे खाए। यहां तक कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों से उनकी ग्रेच्युटी का पैसा दिलाने की एवज में भी उन्होंने जमकर पैसे लिए। जांच में ये आरोप सही पाए गए।