सीबीआई ने पुणे में बिल्डर अविनाश भोसले के परिसरों की तलाशी के दौरान एक हेलीकॉप्टर जब्त किया है। वह कथित तौर पर डीएचएफएल से जुड़े घोटाले में शामिल था, जिससे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 17 बैंकों के एक संघ को 34,615 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हेलीकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड मेक है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
इससे पहले चर्चित यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले (Yes Bank-DHFL Scam) के सिलसिले में पुणे के जाने-माने बिल्डर अविनाश भोसले (Builder Avinash Bhosale) के खिलाफ सीबीआई (CBI) द्वारा दायर किए आरोप पत्र (charge-sheet) में कहा गया कि भोसले ने लंदन में एक संपत्ति खरीदने के लिए डीएचएफएल से प्राप्त 550 करोड़ रुपये में से 300 करोड़ रुपये खर्च किए।
केंद्रीय एजेंसी ने भोसले को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) और यस बैंक (Yes Bank) से जुड़े एक कथित घोटाले में गिरफ्तार किया है। इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोप पत्र (Charge-sheet)) दाखिल किया गया था।
अधिकारियों ने बताया था कि मुंबई में विशेष सीबीआई अदालत (Special CBI Court) में दायर पूरक आरोप पत्र से संबंधित मामले में एजेंसी ने सत्यन गोपालदास टंडन, मेट्रोपोलिस होटल्स एलएलपी, एबीआईएल इन्फ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, एबीआईएल हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, अरिंदम डेवलपर्स, अविनाश भोसले ग्रुप और फ्लोरा डेवलपमेंट लिमिटेड को भी नामजद किया गया है।
मामले में दायर तीसरे पूरक आरोप पत्र में कहा गया कि सह-आरोपी संजय छाबरिया ने 317.40 करोड़ रुपये डायवर्ट किया। यह उस धनराशि का हिस्सा था, जो भोसले और उनकी कंपनियों के लिए डीएचएफएल को यस बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त हुआ था। साथ ही सीबीआई के अनुसार, एबीआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर को 43 करोड़ रुपये और मेट्रोपोलिस होटल्स को 140 करोड़ रुपये का वितरण किया गया था। डीएचएफएल के कपिल वधावन ने अप्रैल-मई 2018 में यस बैंक द्वारा डीएचएफएल में निवेश करने के तुरंत बाद इस भुगतान को मंजूरी दी थी। एबीआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रोपोलिस होटल दोनों ही भोसले के स्वामित्व या नियंत्रण में हैं।