प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड (पीआईएल) से जुड़े कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर व हंसराज अहीर की विरोध याचिका पर जवाब देने के लिए सीबीआई ने समय मांगा है। मामले की सुनवाई के लिए अब छह सितंबर की तारीख तय की गई है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने जावड़ेकर व अहीर की याचिका का जवाब देने के लिए सीबीआई को छह सितंबर तक मोहलत दी है। सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर केस बंद करने का आग्रह किया था। एजेंसी के इस कदम को इन मंत्रियों ने चुनौती दी थी।
केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इन नेताओं की शिकायत पर ही मामले की जांच की थी। आयोग के संदर्भ पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। मामला छत्तीसगढ़ के फतेहपुर में पीआईएल को कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता का है।
कोर्ट में दायर चुनौती याचिका में कहा गया है कि पीआईएल ने कोल ब्लॉक हासिल करने के लिए जानबूझकर 35वीं स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष गलत तथ्य पेश किए थे। इसी लाइन पर सीबीआई ने जांच भी की थी।
सीबीआई ने कंपनी व तीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज कर जांच की थी। साक्ष्य न होने का हवाला देते हुए केस बंद करने का आग्रह किया था।