सीबीआई ने इस मामले में अपने पहले आरोपपत्र में नामजद 18 आरोपियों के अलावा पूरक आरोपपत्र में चार नए आरोपियों के नाम शामिल किए हैं। जो नए चार नाम शामिल किए गए हैं, उनमें गीतांजलि समूह की कंपनियों के पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रमुख सुनील वर्मा, पीएनबी के दो अधिकारी सागर सावंत व संजय प्रसाद और समूह के तहत आने वाले ब्रांड जिली और नक्षत्र के निदेशक धनेश सेठ शामिल हैं।
मेहुल चोकसी और उसकी कंपनियों के खिलाफ मामले में पहला आरोपपत्र दायर किए जाने के तीन साल से अधिक समय बाद सीबीआई ने पूरक आरोपपत्र ऐसे समय में दायर किया गया है जब भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के खिलाफ डोमिनिका की अदालत में कानूनी कार्यवाही चल रही है। उल्लेखनीय है कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से रहस्यमयी तरीके से गायब होने के बाद 24 मई को डोमिनिका में अवैध प्रवेश के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा है, तीन साल के बाद पूरक आरोपपत्र दायर किया जाना दर्शाता है कि यह केवल उन विसंगतियों को ढकने की कोशिश है जिन्हें बचाव पक्ष ने अपने पहले आरोपपत्र में इंगित किया था। अब सबूतों को नष्ट करने के लिए आईपीसी की धारा 201 को जोड़ना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है क्योंकि कोई भी दस्तावेज अदालत में दाखिल किए जाने के बाद ही साक्ष्य बनता है और लगाए गए आरोप प्राथमिकी से काफी पहले की अवधि के हैं।'