केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एनआईए के निलंबित पुलिस अधीक्षक के परिसरों पर छापे मारे। हाल ही में अफसर पर मणिपुर के कारोबारियों से 60 लाख रुपये से अधिक की उगाही का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के इंफाल में तैनात एसपी विशाल गर्ग और निरीक्षक राजीब खान के खिलाफ मणिपुर के कारोबारियों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसा वसूलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने विशाल गर्ग के हरियाणा के फरीदाबाद में और राजीब खान के मणिपुर के इंफाल स्थित आवास सहित तीन ठिकानों की तलाशी ली। इस दौरान कई आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए। सीबीआई जल्द ही उन लोगों को भी नोटिस जारी करेगी, जिन पर इन अधिकारियों को पैसे देने के लिए मजबूर किया गया था। इन अफसरों के खिलाफ एनआईए की आंतरिक जांच के बाद सीबीआई ने मामला अपने हाथ में लिया था। एनआईए की आंतरिक जांच में सामने आया था कि खान गर्ग के इशारे पर पैसे की उगाही कर रहा था।
पुणे के समूह की 12 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच
300 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक लोन धोखाधड़ी और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) जांच के तहत पुणे स्थित व्यापारिक समूह वैरॉन एल्युमीनियम प्रा. लि. की 12 करोड़ रुपये से अधिक की एक दर्जन अचल संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अटैच कर लीं। ये संपत्तियां पुणे, नागपुर, महाराष्ट्र के रत्नागिरी और गोवा में स्थित हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वैरॉन एल्युमिनियम प्रा. लि. के प्रमोटर स्वर्गीय एसपी सवाईकर ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर केनरा बैंक से 246 जाली बिलों को भुनाने के लिए आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। इसके लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) का इस्तेमाल किया।