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CBI: सीबीआई ने कोलकाता के कई ठिकानों पर की छापेमारी, 1000 करोड़ रुपये का है बैंक धोखाधड़ी मामला

Thu, 29 Jan 2026 01:22 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

सीबीआई ने कोलकाता के कई इलाकों में करीब 1,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई कोलकाता स्थित एक वित्त कंपनी और उसकी सहयोगी फर्म के प्रमोटरों के कार्यालयों और आवासों पर की गई। 
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सीबीआई ने कोलकाता के कई स्थानों पर छापेमारी की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को कोलकाता के कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। यह तलाशी लगभग 1,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में है। यह जानकारी   एक अधिकारी ने दी है।  उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित एक वित्त कंपनी के प्रमोटरों के कार्यालयों और आवासों पर एक साथ तलाशी अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर छापेमारी चल रही है। वहां अतिरिक्त केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है।

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सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, "सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक से जुड़े बड़े पैमाने पर बैंक धोखाधड़ी के मामले में अलीपुर समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।" बैंक ने पूर्वी कोलकाता स्थित एक वित्त कंपनी पर कर्ज उपलब्ध कराने की आड़ में धन की हेराफेरी करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने जांच शुरू की। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि कथित तौर पर धन का गबन 2014 से 2020 के बीच हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोप वित्त कंपनी के दो निदेशकों और उसकी एक सहयोगी फर्म के खिलाफ हैं। दोनों संस्थाओं ने कर्ज के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से संपर्क किया था।  अपने आवेदनों के समर्थन में दस्तावेज जमा किए थे।

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सीबीआई अधिकारी ने बताया कि बैंक की शिकायत के अनुसार, कंपनियों में से एक ने शुरू में 730.82 करोड़ रुपये का अग्रिम लिया, जबकि सहयोगी फर्म ने 260.20 करोड़ रुपये का ऋण लिया। इसके साथ ही अतिरिक्त कर्ज भी चरणबद्ध तरीके से स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, बैंक ने आरोप लगाया कि दोनों कंपनियां ऋण समझौते का उल्लंघन कर रही थीं और किश्तों का समय पर भुगतान करने में चूक कर रही थीं। प्रारंभिक जांच के बाद, सीबीआई ने आरोप लगाया कि दोनों कंपनियों ने कम से कम छह अन्य बैंकों से कई हजार करोड़ रुपये के कर्ज भी लिए थे, जिनमें से एक महत्वपूर्ण हिस्सा चुकाया नहीं गया था। 2023 में, संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने 1,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले के संबंध में सीबीआई के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।अधिकारी ने आगे बताया कि सीबीआई ने बाद में दोनों कंपनियों और उनके प्रमोटरों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

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