Lok Sabha: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसी दौरान प्रश्नकाल के समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसद आपस में बातचीत करते नजर आए, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नाराज़ हो गए और उन्होंने सदस्यों को फटकार लगाई।
बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने के दौरान सदन में लगातार हो रही बातचीत से अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बात कर रहे सांसदों से कहा कि सदन में संक्षिप्त बातचीत की अनुमति है, लेकिन लंबी चर्चा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सदस्यों को आपस में लंबी चर्चा करनी है तो वे सदन से बाहर जाकर ऐसा करें।
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प्रश्नकाल के दौरान बात कर रहे थे सांसद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसद लगातार आपस में बातचीत कर रहे थे। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जब सदस्य नहीं माने तो स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के सदस्यों की बातचीत से अन्य सांसदों को व्यवधान हो रहा है, जो सदन की गरिमा के विरुद्ध है।
कांग्रेस सांसद को दी हिदायत
लोकसभा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि आगे से कार्यवाही में बाधा डालने वाले सदस्यों का नाम लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल को भी अपने सहकर्मियों के साथ बातचीत कम करने की हिदायत दी।
लोकसभा 1 फरवरी तक के लिए स्थगित
आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने और प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 1 फरवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अब 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। गौरतलब है कि आमतौर पर आर्थिक सर्वेक्षण बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है, लेकिन इस वर्ष इसे तीन दिन पहले ही लोकसभा में प्रस्तुत किया गया।