पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा ‘अंटू’ उनके पिता दिनेश चंद्र मिश्रा,मां विमला मिश्रा की तलाश में गुरूवार को सीबीआई ने कानपुर के सिविल लाइंस और लखनऊ के विपुल खंड आवास पर छापा मारा। छापे के दौरान अंटू और उसके माता-पिता सीबीआई के हाथ नहीं लगे। अंटू और उसके माता-पिता के खिलाफ एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन)घोटाले में कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है। वारंट जारी होने के बाद से ही अंटू माता-पिता समेत फरार हैं।
करोड़ों के एनआरएचएम घोटाले में अंटू और उसके माता-पिता आरोपी हैं। अंटू पर आरोप है कि उसने आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर माता-पिता के नाम फर्जी कंपनियां बना कर करोड़ों का घोटाला किया। सूत्रों के मुताबिक कानपुर के मर्चेंट चेंबर हाल के करीब रहने वाला शहर का चर्चित चार्टेड अकाउंटेंट अंटू के मामले में सरकारी गवाह बन गया है। इसी सीए ने कोलकाता के रास्ते अंटू के माता-पिता के नाम पर कागजों पर चलने वाली कंपनी खरीदी थीं। खातों में हेरफेर कर करोड़ों के काले धन को सफेद बनाया गया। उसके द्वारा दी गई जानकारियों के बाद सीबीआई ने अंटू की तमाम संपत्तियों की जानकारी जुटा ली है। जानकारी के मुताबिक इस सीए के विदेशों में भी दफ्तर हैं। उत्तर प्रदेश में मायावती की पिछली सरकार में अंटू स्वास्थ्य मंत्री थे। उनके मंत्री रहते एनआरएचएम में करोड़ों का घोटाला हुआ था। घोटाले की जांच सीबीआई के पास है।