सरकार ने अवकाशकालीन यात्रा रियायत (एलटीसी) नियमों के तहत जम्मू-कश्मीर में हवाई यात्रा की सुविधा में और दो साल की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। ऐसा जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मामले में निजी विमानन कंपनियों के विमानों से भी यात्रा की अनुमति दी गई थी।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से बृहस्पतिवार को जारी बयान में बताया गया कि स्पेशल डिस्पेंशन स्कीम के तहत एलटीसी नियमों में यह सुविधा जम्मू-कश्मीर के लिए बढ़ायी गई है। एलटीसी के तहत जम्मू-कश्मीर भ्रमण में हवाई जहाज से आने-जाने की सुविधा की अंतिम तिथि 25 सितंबर, 2016 तक थी।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग इसमें बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए सरकार ने इसमें दो साल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि निजी विमानन कंपनियों के विमान से यात्रा करने की सुविधा बढ़ी हुई अवधि में भी बरकरार रहेगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में एलटीसी नियमों को सरल बनाकर कर्मचारियों को विमान (केवल एयर इंडिया) से जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर के राज्यों और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह जाने की अनुमति दी थी। बाद में सरकार ने जम्मू-कश्मीर जाने के लिए विशेष छूट योजना के तहत निजी विमानन कंपनियों के विमानों से सफर करने की इजाजत दी।
हालांकि, उस समय यह योजना एक साल के लिए ही मान्य थी, जो 27 नवंबर, 2015 में खत्म हो गयी। उसे बढ़ा कर 25 सितंबर, 2016 किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, निजी विमानन कंपनियों के विमानों में यात्रा इकोनॉमी क्लास में की जा सकेगी। सरकारी कर्मचारी को एलटीसी लेने पर यात्रा पर खर्च हुई राशि मिल जाएगी।