सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने उस ऑडिट या जांच के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है, जिससे बैंक में 13000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का पता चला।
एक आरटीआई के जवाब में पीएनबी ने जांच रिपोर्ट की प्रति साझा करने से मना कर दिया। पीएनबी ने आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा, ‘चूंकि मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं। ऐसे में जो सूचना मांगी गई है, सूचना के अधिकार कानून, 2005 की धारा 8(1) (एच) के तहत उसकी जानकारी नहीं देने की छूट है।’
विलफुल डिफॉल्टर्स पर 15200 करोड़ बकाया
सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का कहना है इस साल अप्रैल के अंत तक विलफुल डिफॉल्टर्स पर बैंक का बकाया बढ़कर 15199.57 करोड़ रुपये हो गया है। पीएनबी के अनुसार 2017-18 की अंतिम तिमाही में 13,400 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस घाटे का कारण धोखाधड़ी और बैड लोन था। इसमें 15171.91 करोड़ रुपये विलफुल डिफॉल्टर्स पर बकाया थे।
पीएनबी, गीतांजलि जेम्स के खिलाफ कार्रवाई पर विचार करेगा सेबी
बाजार नियामक सेबी 13 हजार करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में पंजाब नेशनल बैंक और गीतांजलि जेम्स के खिलाफ संदिग्ध कारोबार से संबंधित मुद्दों की जांच पूरी करने के बाद दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करेगा।
बाजार नियामक ने धोखाधड़ी वाले लेनदेन के बारे में शेयर बाजार को जानकारी देने में देरी को लेकर पिछले सप्ताह पीएनबी को चेतावनी पत्र जारी किया। इस धोखाधड़ी को फरार चल रहे नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप ऑफ कंपनीज ने अंजाम दिया। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है।