सीबीआई ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) कार्यालय में संयुक्त औषधि नियंत्रक एस ईश्वरा रेड्डी को गिरफ्तार किया है। रेड्डी पर बायोकॉन बायोलॉजिक्स के अविकसित उत्पाद ‘इंसुलिन एस्पार्ट’ को मंजूरी देने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
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अधिकारियों ने कहा कि रिश्वत के लेनदेन की सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। ऑपरेशन के दौरान बायोकॉन बायोलॉजिक्स की तरफ से रिश्वत दे रहे बिचौलिये को रेड्डी के साथ पकड़ा गया। यह कंपनी किरण मजूमदार शॉ के नेतृत्व वाली बायोकॉन की सहयोगी कंपनी है।
आरोप है कि रेड्डी ने डायबिटीज इंजेक्शन के बारे में पक्ष में रिपोर्ट भेजने के बदले नौ लाख रुपये मांगे थे। हालांकि इस बारे में अभी बायोकॉन से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।