पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से सीबीआई ने ‘वीजा के लिए रिश्वत’ मामले में लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी पूछताछ की। अधिकारियों ने कहा कि लोकसभा सांसद से चीनी नागरिकों को 263 प्रोजेक्ट वीजा दिलाने के बदले 50 लाख रुपये की घूस लेने के मामले में सवाल जवाब किए गए।
अधिकारियों ने कहा कि कार्ति शनिवार सुबह जांच टीम के सामने पेश होने के लिए सीबीआई मुख्यालय पहुंचे थे। सीबीआई 11 साल पुराने मामले में कार्ति से बृहस्पतिवार से पूछताछ कर रही है। ये वीजा कार्ति के पिता पी. चिदंबरम के 2011 में गृह मंत्री रहते वक्त जारी किए गए थे। कांग्रेस नेता ने आरोपों को बकवास करार दिया और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच पांच दिन का होता है, यह तो अभी तीसरा ही दिन है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को अपने संसदीय विशेषाधिकार हनन को लेकर पत्र लिखा है। उन्हें अध्यक्ष के जवाब का इंतजार है।
50 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी
सीबीआई ने वर्ष 2011 में हुए वीजा मामले में पिछले दिनों कार्ति, उनके सहयोगी भास्करन रमन और पंजाब में काम कर रही एक कंपनी समेत कई लोगों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर में कहा गया कि पंजाब में बिजली संयंत्र लगा रहे वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के एक शीर्ष अधिकारी ने कार्ति और उनके करीबी सहयोग एस भास्कररमन को वीजा जारी कराने के लिए 50 लाख रुपये दिए थे। साथ ही आरोप है कि चीनी कंपनी ने भास्कररमन के जरिये ही कार्ति से संपर्क साधा था। सीबीआई ने इस मामले में भास्कररमन को गिरफ्तार किया था और वह अभी सीबीआई रिमांड पर है।
चिदंबरम परिवार के परिसरों पर सीबीआई ने मारा था छापा
सीबीआई ने पिछले हफ्ते चिदंबरम परिवार के परिसरों पर छापा मारा था और भास्कररमन को गिरफ्तार किया था। साथ ही कार्ति को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। कार्ति के खिलाफ यह तीसरी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। इससे पहले उनके खिलाफ आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है।a