भारत यात्रा पर आए बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने दोनों देशों और चीन के साथ रिश्ते पर खरी खरी कही। मोमेन ने साफ कहा कि भारत से बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक व चट्टान जैसे मजबूत हैं। वहीं, चीन से रिश्ते विकास में साझेदारी के हैं। दरअसल, बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था श्रम प्रधान होकर दुनिया में तेजी से उभरी है। जीडीपी, निर्यात व प्रति व्यक्ति आय में वह भारत को टक्कर देता नजर आ रहा है। इसीलिए भारतीय रुपये की तरह उसका टका डॉलर के मुकाबले टिका हुआ है।
शनिवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए मोमेन ने कहा कि हम भारत के सभी राज्यों से मजबूत संबंध चाहते हैं। विदेश मंत्री मोमेन ने कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्व तेजी से कम हुए हैं, इसलिए हम आर्थिक रूप से समृद्ध होकर विकास कर रहे हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्र हैं, जब अब भी कट्टरपंथ है, लेकिन हम उन्हें नियंत्रित कर रहे हैं।
म्यांमार के विस्थापित नागरिकों की स्वदेश वापसी जरूरी: मोमेन
मोमेन ने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया में सुरक्षा और स्थिरता के लिए म्यांमार के विस्थापित नागरिकों की उनके देश से स्वदेश वापसी आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में वर्तमान में कॉक्स बाजार में म्यांमार के 11 लाख से अधिक जबरन विस्थापित नागरिक हैं और वे अपने देश लौटना चाहते हैं।
दो साल बाद अगरतला से कोलकाता वाया ढाका बस सेवा 10 जून से फिर होगी शुरू
अगरतला से ढाका होते हुए कोलकाता के लिए बस सेवा दो साल बाद 10 जून से फिर शुरू होगी। कोरोना महामारी के चलते दो साल पहले इसे बंद किया गया था। राज्य परिवहन विभाग के सचिव एलएच डार्लोंग ने बस सेवा शुरू होने के संबंध में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और वहां स्थित भारतीय उच्च आयोग को पत्र लिखा है। वहीं राज्य के अतिरिक्त सचिव एस चौधरी ने दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय को भी पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है। बस में यात्रा के लिए टिकटें 1 जून से मिलनी शुरू होंगी। इच्छुक यात्रियों को वैध पासपोर्ट और वीजा लाना होगा। अगरतला से कोलकाता वाया ढाका का किराया 2300 रुपये प्रति व्यक्ति होगा। वहीं त्रिपुरा से ढाका तक का किराया 1000 रुपये होगा। त्रिपुरा सरकार के अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पहले बस सेवा को 28 अप्रैल से शुरू किया जाना था लेकिन तकनीकी कारणों से इसे टाल दिया गया।
छह सालों से जीडीपी दर 6 फीसदी
श्रीलंका व पाकिस्तान जहां भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं बांग्लादेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में आई आईएमएफ की एक रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश भारत के बाद दूसरी सबसे बड़ी दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्था है। इसने पिछले 6 वर्षों में लगातार 6 फीसदी की जीडीपी दर हासिल की है। यह भारत सहित अन्य देशों में महामारी के दौरान भी बढ़ने में कामयाब रहा। बांग्लादेश वस्त्रों का एक उल्लेखनीय निर्यातक है, जो एक श्रम प्रधान उद्योग है। यह उद्योग बांग्लादेश के सकल घरेलू उत्पाद में 20 फीसदी का योगदान देता है। इसका देश के निर्यात में 80 फीसदी हिस्सा है।
प्रति व्यक्ति आय भारत से ज्यादा
भारत की प्रति व्यक्ति आय 2022-23 से शुरू होने वाले अगले कुछ वर्षों में बांग्लादेश की तुलना में पीछे रहने की उम्मीद है। एक बांग्लादेशी नागरिक की औसत आय 2020-21 में 1,962 डॉलर रही थी, जबकि एक औसत भारतीय की आय 1,935 डॉलर रही। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के अनुमानों के अनुसार चालू वर्ष में भारत की प्रति व्यक्ति आय कुछ बढ़ सकती है, लेकिन 2027-2028 में भारत के अपने इस पड़ोसी देश से 200 डॉलर पीछे रहने की संभावना है।
भारतीय रुपये की तरह डॉलर के मुकाबले टीका है टका
बांग्लादेश की मुद्रा टका की बात करें तो यह डॉलर के मुकाबले टिकी हुई है। जहां श्रीलंका व पाकिस्तान के रुपये का भारी अवमूल्यन हुआ है, वहीं करीब 88 टका में एक डॉलर का भाव चल रहा है। भारतीय रुपया भी मजबूत बना हुआ है। श्रीलंका में एक डॉलर का दाम 354 रुपये है, वहीं पाकिस्तान में डॉलर का दाम 200 रुपये से ज्यादा है। नेपाली अर्थव्यवस्था भी उतनी कमजोर नहीं है, जितनी पाकिस्तान व श्रीलंका की है। नेपाल में डॉलर का दाम 124 नेपाली रूपये के आसपास है।
चीनी मुद्रा डॉलर के मुकाबले में मजबूत, यह है पड़ोसी देशों की मुद्रा का हाल
निसंदेह अन्य एशियाई देशों की तुलना चीन की मुद्रा यूआन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी मजबूत है। चीन में एक डॉलर का दाम करीब 7 युआन है। भारतीय रूपये की युआन से तुलना करें तो एक युआन के लिए हमें 11.60 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, एक रुपये के बदले हमें 1.12 टका मिलेंगे। इसी तरह एक रुपये के बदले हमें 1.60 नेपाली रूपया मिलेगा तो पाकिस्तान में 2.58 रुपये और श्रीलंका में 4.57 रुपये मिलेंगे।
एशियन कॉन्फ्लुएंस रिवर कॉन्क्लेव में आए हैं मोमेन
दरअसल, मोमेन गुवाहाटी में एशियन कॉन्फ्लुएंस रिवर कॉन्क्लेव में भाग लेने आए हैं। सम्मेलन का उद्घाटन विदेश मंत्री एस जयशंकर, डॉ. मोमेन व असम सीएम हेमंता बिस्वा सरमा ने किया। इस दौरान असम के सीएम सरमा ने कहा, पूर्वोत्तर एशिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार है। हमारी सरकार न केवल इस क्षेत्र के लिए बल्कि एशियाई देशों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी असम को एक औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए काम कर रही है।