फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीआई ने चिदंबरम के खिलाफ जारी किया लुक आउट नोटिस, इस वजह से अदालत में नहीं हुई तुरंत सुनवाई

Wed, 21 Aug 2019 07:23 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
पी चिदंबरम
विज्ञापन
सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के विरूद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया है ताकि उन्हें देश से बाहर जाने से रोका जा सके। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने सभी हवाई अड्डों को सतर्क कर दिया है ताकि चिदंबरम को कोई उड़ान पकड़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि परिपत्र हाल में जारी किया गया है।
विज्ञापन


प्रवर्तन निदेशालय ने भी आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के विरूद्ध एक नया लुक आउट परिपत्र जारी किया है।

आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी के खतरे का सामना कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम उच्चतम न्यायालय से राहत पाने में बुधवार को दो बार नाकाम रहे। न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया मामलों में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग वाली चिदंबरम की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया तथा मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की ।

संप्रग सरकार में 2004 से 2014 के दौरान गृह मंत्री और वित्त मंत्री रहे चिदंबरम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मंगलवार के फैसले पर रोक की मांग की है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी और सीबीआई और ईडी की तरफ से दायर मामलों में गिरफ्तारी की राह आसान कर दी। 
विज्ञापन


उनकी याचिका का वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति एम शांतनगौडर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ के समक्ष पहले बुधवार सुबह उल्लेख किया, जिसने इसे तत्काल सुनवाई पर विचार करने के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष उठाने को कहा।

चिदंबरम का पक्ष रख रहे वकीलों की टीम को तत्काल सूचीबद्ध किए जाने पर जब किसी तरह की सूचना नहीं मिली तो सिब्बल ने भोजनावकाश के बाद बैठी उसी पीठ के सामने फिर से इसका उल्लेख किया।

सिब्बल के साथ मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं विवेक तन्खा और इंदिरा जयसिंह ने पीठ को बताया कि अब जांच एजेंसियों ने चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है जैसे कि वह "भागने वाले" हैं। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में खामियों को अभी-अभी दुरुस्त किया गया है और इसे "तत्काल सुनवाई के लिए आज सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता।" 

पीठ ने कहा, "याचिका को सूचीबद्ध किए बिना, हम मामले पर सुनवाई नहीं कर सकते।" 

सिब्बल ने जब मामले पर आज ही सुनवाई करने की मांग दोहराई तो पीठ ने कहा, "माफ कीजिए श्रीमान सिब्बल। हम मामले पर सुनवाई नहीं कर सकते।" 

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मौखिक उल्लेख के आधार पर चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई का यह कह कर विरोध किया कि उनके पास कागजात नहीं हैं। 

भोजनावकाश के बाद पीठ के फिर से बैठने पर सिब्बल ने कहा कि वह एक बार फिर सूचीबद्ध किए जाने के लिये मामले का उल्लेख कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसे सूचीबद्ध किए जाने को लेकर रजिस्ट्री से कुछ भी पता नहीं चला है। पीठ ने उनसे कहा कि याचिका में कुछ खामियां थीं और रजिस्ट्री ने उसे इस बारे में सूचित किया है। हालांकि बाद में खामी को दूर कर लिया गया। 

सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलग-अलग कैविएट याचिका दायर की। कैविएट याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट को सभी पक्षों का मत जानना जरूरी होता है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें