पी. चिदंबरम
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अनाम व्यक्ति की गवाही बेहद अहम, इसलिए न मिले जमानत
मेहता ने दलील दी कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। एक गवाह ने प्रभावित करने की कोशिश की बात कही है। इस मामले में एक अनाम व्यक्ति की गवाही बेहद अहम है। अगर चिदंबरम बाहर आ गए तो वह उस अज्ञात गवाह को प्रभावित कर सकते हैं। वह गवाह इंद्राणी या पीटर मुखर्जी नहीं है। हम कोर्ट में बहस के दौरान उसके नाम का खुलासा नहीं कर सकते हैं। सीबीआई ने कहा कि चिदंबरम को जमानत नहीं दी जानी चाहिए इससे गवाहों को प्रभावित करने की गंभीर आशंका है।
सिंगापुर और मारीशस से मांगी जानकारियों के जवाब का इंतजार
जांच एजेंसी ने पीठ को यह भी बताया कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सिंगापुर और मारीशस को भेजे लेटर्स रोगेटरी (विदेश की अदालतों से आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सुबूत या दस्तावेजी जानकारी का आग्रह करने का पत्र) का जवाब आने का इंतजार किया जा रहा है। इस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में आया था।
दोनों पक्षों में हुई तीखी बहस
जमानत अर्जी पर बहस के दौरान कपिल सिब्बल और तुषार मेहता के बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल जब सिब्बल बहस कर रहे थे, उस समय मेहता की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। इस पर कपिल सिब्बल भड़क गए, उन्होंने कहा, मैं जैसे चाहूं बहस कर सकता हूं। तुषार मेहता ने कहा, बीच में कहानी मत बनाइए। इस पर सिब्बल ने कहा, आप कभी कभी धमकाते हैं, आप कभी कभी टोकते हैं।