केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को अपने पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। रंजीत सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने सीबीआई का प्रमुख रहते अपने कार्यकाल के दौरान कोल ब्लॉक घोटाले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। सीबीआई के इतिहास में यह दूसर मौका है जब सीबीआई अपने पूर्व निदेशक के खिलाफ आपराधिक मामले की जांच करेगी।
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इससे पहले साल 2017 के फरवरी माह में सीबीआई ने अपने पूर्व निदेशक एपी सिंह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में FIR दर्ज की थी। एपी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने मांस निर्यातक मोईन कुरैशी का पक्ष लिया था।
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1974 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी रंजीत सिंहा के खिलाफ सीबीआई द्वारा जांच करने का निर्णय सु्प्रीम कोर्ट के निर्देश के करीब तीन महीने बाद आया है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने जनवरी में कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा कि सिन्हा ने सीबीआई निदेशक के रूप में अपनी पोजीशन और अथॉरिटी का दुरुपयोग किया।