छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा में सोमवार को हुई मुठभेड़ में 25 जवान शहीद हो गए। हमले में 11 जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि एक जवान की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई। वहीं उपचार के दौरान 12 और जवानों ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, इस घटना को सीआरपीएफ के लिए झटके के तौर पर माना जा रहा है जो कुछ समय से लगातार नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियान चलाए हुए है। देशवासी कह रहे हैं कि नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का समय आ गया है, ताकि ऐसे हमले दोबारा न हों।
इस मुद्दे पर लोगों की राय जानने के लिए अमर उजाला ने पोल कराया। पोल में पाठकों का मानना है कि नक्सलियों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई का वक्त आ गया है।
पोल में सवाल किया गया था कि क्या नक्सलियों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई का वक्त आ गया है? इस सवाल पर पाठकों ने अपना राय का खुलकर इजहार किया।
सबसे ज्यादा 96.02% (8882) पाठकों ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई का समय आ गया है। वहीं, 3.98% (367) पाठकों का कहना है कि वे इस बात से इत्तिफाक नहीं रखते कि नक्सलियों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई का वक्त आ गया है। पोल में कुल 90128 पाठकों ने हिस्सा लिया।