सीबीआई ने मध्य प्रदेश के मुरैना की कंपनी केएस ऑयल्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक रमेश चंद्र गर्ग समेत सभी निदेशकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा भारतीय स्टेट बैंक के साथ 938 करोड़ रुपये का कर्ज घोटाला करने के आरोप में दर्ज किया गया है।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस सिलसिले में 5 स्थानों पर छापा मारा गया है। सीबीआई टीमों ने शुक्रवार को मुरैना में फैक्टरी और उसके रजिस्टर्ड ऑफिस की तलाशी ली। इसके अलावा रमेश चंद गर्ग और एक अन्य निदेशक सौरभ गर्ग के घरों की भी तलाशी ली गई। एक सीबीआई टीम ने राष्ट्रीय राजधानी में भी कंपनी के बाराखंभा रोड स्थित कार्यालय की तलाशी ली। कंपनी के एक अन्य निदेशक देवेश अग्रवाल को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है, लेकिन सीबीआई ने अभी तक उनके ठिकानों की तलाश नहीं ली है।
सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ के मुताबिक, फोरेंसिक ऑडिट में यह साबित हो गया है कि कंपनी की तरफ से कर्ज लेने के लिए दिखाए गए अपने वित्तीय आंकड़े झूठे थे। यह भी आरोप है कि कंपनी ने गलत तरीके से कर्ज के पैसे को दूसरी जगह भेजकर उसका दुरुपयोग भी किया गया है।