आईएमए घोटाले में सीबीआई ने आठ दिन की जांच के बाद मुख्य आरोपी मंसूर खान व 24 अन्य कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। इन्होंने लाखों लोगों को निवेश के इस्लामी तरीकों का इस्तेमाल करने की एवज में बड़ी रकम लौटाने का वादा किया था। सीबीआई अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि शनिवार को बंगलूरू में सीबीआई की विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरक आरोपपत्र दायर किए जा सकते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर 30 अगस्त की रात को सीबीआई ने जांच संभाली थी। खान ने कथित तौर पर एक लाख से अधिक निवेशकों को निवेश के बदले में मोटी रकम लौटाने का वादा किया था। आईएमए में निवेश करने के लिए कुछ बिचौलियों और धार्मिक प्रचारकों ने भी लोगों को प्रलोभन दिया। मामला उस समय सामने आया जब मंसूर खान दुबई भाग गया। बीते 21 जुलाई को नई दिल्ली पहुंचने पर प्रवर्तन निदेशालय ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल मंसूर खान न्यायिक हिरासत में है।
बता दें कि आईएमए पोंजी घोटाले में सीबीआई ने 31 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है जिसमें 25 नामजद हैं। इन सभी लोगों के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले के मुख्य आरोपी आईएमए ज्वेल्स के संस्थापक और मालिक मंसूर खान है। मंसूर खान पर 1500 करोड़ से अधिक रुपये ठगने का आरोप है।