सीबीआई ने कई रक्षा सौदों में जांच का सामना कर रहे फरार हथियार डीलर संजय भंडारी के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है। भंडारी पर आरोप है कि उसने गुजरात में एक कोरियाई कंपनी सैमसंग इंजीनियरिंग कोर्पोरेशन लिमिटेड को तेल रिफाइनरी का ठेका दिलाने के लिए सरकारी अधिकारियों को प्रभावित किया और इसके बदले सैमसंग से करीब 50 लाख डॉलर कमीशन लिया।
सीबीआई के मुताबिक, 2008 में ओएनजीसी ने गुजरात के दहेज में ऑयल रिफाइनरी के लिए कॉन्ट्रैक्ट निकाला था, जिसके लिए बोली लगाई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित भंडारी की सैनटेक इंटरनेशनल एफजेडसी ने कोरियाई कंपनी के सीनियर मैनेजर हांग नामकूंग और ब्रिटेन स्थित फोस्टर व्हीलर एनर्जी लिमिटेड के साथ मिलकर गुजरात के दहेज में ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिटिडेट (ओपीएएल) के डीएफसीयू प्रोजेक्ट में रिफाइनरी का ठेका दिलवाया था, जोकि शर्तों के बाहर जाकर था।
आरोप है कि इसमें कोरियाई कंपनी सैमसंग ने भंडारी के दुबई के खाते में 49.99 लाख डॉलर कमीशन के तौर पर दिए। इसी के बाद बाद सीबीआई ने भंडारी, उसकी कंपनी सैनटेक और कोरियाई कंपनी सैमसंग के अलावा उसके अधिकारी और अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। माना जा रहा है कि भंडारी लंदन में हो सकता है।