याचिका में आरोप लगाया गया कि 1999 से 2005 के बीच मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए गैरकानूनी ढंग से सौ करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। साथ ही सीबीआई ने इस जांच में जरूरत से अधिक समय लिया।
2005 में याचिका दायर कर उठाया था मामला
चतुर्वेदी ने 2005 में मुलायम, अखिलेश और डिंपल यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आय से अधिक मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में सीबीआई को भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत यादव परिवार के खिलाफ जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। इस पर मुलायम सिंह यादव ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसे दिसंबर 2012 में शीर्ष कोर्ट ने खारिज कर सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी थी।