सीबीआई की विशेष अदालत ‘अवैध’ टेलीफोन एक्सचेंज मामले में मारन बंधुओं के खिलाफ तीन अक्तूबर को आरोप तय करेगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस नटराजन के समक्ष शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन और चार अन्य आरोपी पेश हुए।
न्यायाधीश ने आरोप तय करने के लिए तीन अक्तूबर की तिथि निर्धारित की। दयानिधि के भाई कलानिधि ने सीबीआई की अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए याचिका दाखिल की थी। यह मामला दयानिधि मारन के 2004 से 2007 के बीच केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रहने के दौरान भारत संचार निगम लिमिटेड के 764 हाई स्पीड डाटा लाइंस के गलत इस्तेमाल के आरोपों से जुड़ा है।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इन डाटा लाइनों का इस्तेमाल सन टीवी के लिए गया था और इसमें कोई बिल नहीं दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को 1.78 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।
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सन टीवी कलानिधि मारन का है। अदालत ने 11 अगस्त को सीबीआई को दयानिधि और कलानिधि मारन को केस दस्तावेज की टाइप की हुई प्रतियां देने के निर्देश दिए थे। मारन बंधुओं ने अपने खिलाफ आरोप तय करने को यह कहते हुए स्थगित करने की मांग की थी कि सीबीआई की ओर से पेश अनेक दस्तावेज अस्पष्ट हैं।
गौरतलब है कि इस मामले में मारन बंधुओं के अलावा सन टीवी के मुख्य टेक्निकल असिस्टेंट एस कानन, दयानिधि मारन के तत्कालीन अतिरिक्त निजी सचिव वी गोथामन, सन टीवी के इलेक्ट्रीशियन एस रवि और बीएसएनएल के अधिकारी वेलुसामी को आरोपी बनाया गया है।