कोलकाता की एक विशेष सीबीआई अदालत ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी की न्यायिक हिरासत 22 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
इससे पहले पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि ममता बनर्जी नीत पार्टी को कोई भी व्यक्ति किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा सकता। पार्थ की करीबी सहयोगी के आवास से नकदी, जेवर और संपत्ति दस्तावेज बरामद होने के बाद इस साल 23 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर भर्ती घोटाले की जांच कर रहा है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय मामले से जुड़े धन की हेराफेरी के पहलू की जांच कर रहा है।
कोर्ट में सुनवाई के लिए चटर्जी जैसे ही एक वाहन से नीचे उतरे, उनसे विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें भाजपा नेता ने कहा था कि टीएमसी के गिने-चुने दिन ही शेष बचे हैं। अधिकारी ने यह भी कहा था कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं से जुड़े बड़े घटनाक्रम दिसंबर में होने वाले हैं।
इस पर पार्थ चटर्जी ने जवाब दिया कि कोई भी व्यक्ति टीएमसी को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा सकता, कोई भी टीएमसी की संभावनाओं को क्षति नहीं पहुंचा सकता। इस बयान से किनारा करते हुए टीएमसी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि टीएमसी को पार्थ चटर्जी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।