कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नया सीबीआई प्रमुख चुनने के लिए मंगलवार को बुलाई गई चयन समिति की बैठक के अनिर्णायक रहने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि बैठक में हो रही देरी सरकार की गलती है।
खड़गे ने कहा, 'हमने प्रधानमंत्री से कहा है कि बैठक को जितना जल्दी हो सके बुलाना चाहिए। यदि बैठक इसी तरह स्थगित होती रहेगी तो जिस शख्स को सीबीआई का अंतरिम निदेशक (एम नागेश्वर राव) नियुक्त किया है वह जारी रहेगा। वह इस पद के योग्य नहीं है।'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'पहली गलती जो शख्स योग्य नहीं है उसे नियुक्त करने की है और दूसरी गलती बिना जानकारी दिए उन्होंने बैठक बुला ली। बैठक में हो रही यह देरी सरकार की गलती है। इस बैठक को 21 फरवरी से पहले बुलाया जाना चाहिए जब उसका कार्यकाल समाप्त होता है।'
गुरुवार को सीबीआई प्रमुख के चयन से संबंधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली समिति की बैठक बेनतीजा रही। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई निदेशक के चयन के लिए समिति की एक और बैठक जल्द बुलाई जाएगी।
अगले सीबीआई प्रमुख के नाम पर फैसला करने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति की गुरुवार को बैठक हुई। बैठक में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हिस्सा लिया। लेकिन बैठक बेनतीजा रही। समिति ने 10 जनवरी को वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया था।
इस महीने की शुरुआत में आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। उनका गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना से भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर झगड़ा चल रहा था। वर्मा और अस्थाना दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के बाद दमकल सेवा महानिदेशक, नागरिक रक्षा और होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाया गया था। यह कम महत्वपूर्ण पद था। वर्मा ने उस पेशकश को स्वीकार नहीं किया और उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें सेवानिवृत्त मान लिया जाना चाहिए क्योंकि उनकी 60 साल की आयु पूरी हो चुकी है।