सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि सहायक लोको पायलट अजीत कुमार, कथित मास्टरमाइंड अजय कुमार गुप्ता, उसका साथी अवनीश कुमार सिंह और सिंचाई विभाग में पूर्व जूनियर इंजीनियर राम भावन बाल यौन शोषण सामग्री को वॉट्सऐप और टेलीग्राम से प्रसारित कर रहे थे।
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सीबीआई ने चार आरोपियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई ने राउरकेला में तैनात रेलवे लोको पायलट समेत चार लोगों के खिलाफ 9 से 12 साल की तीन बच्चियों के साथ कथित यौन शोषण के आरोप में चार्जशीट दाखिल की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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वॉट्सऐप और टेलीग्राम से प्रसारित रहे थे यौन शोषण सामग्री
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Whatsapp Update
- फोटो : अमर उजाला
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि सहायक लोको पायलट अजीत कुमार, कथित मास्टरमाइंड अजय कुमार गुप्ता, उसका साथी अवनीश कुमार सिंह (दोनों चंदौली से) और सिंचाई विभाग में पूर्व जूनियर इंजीनियर राम भावन बाल यौन शोषण सामग्री को वॉट्सऐप और टेलीग्राम से प्रसारित कर रहे थे।
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साल 2020 में बांदा से गिरफ्तार किया गया था राम भावन
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Arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
भावन को नवंबर 2020 में बांदा में पचास से अधिक बच्चों का कथित रूप से शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग समूहों पर बच्चों के साथ अपने कृत्यों के स्पष्ट वीडियो और चित्र प्रसारित कर रहा था।
सीबीआई को इंटरपोल से मिली थी मॉड्यूल की सूचना
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इंटरपोल
- फोटो : Amar Ujala Graphics
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सीबीआई को इंटरपोल से सिंगापुर से अजय कुमार गुप्ता द्वारा चलाए जा रहे एक मॉड्यूल के बारे में सूचना मिली थी जिसमें पता चला था कि अजीत कुमार और राम भावन सीएसएएम सामग्री के प्रसार में सक्रिय भागीदार हैं।
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बेचने के लिए रिकॉर्ड करते थे आपराधिक कृत्य
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mobile
- फोटो : फाइल फोटो
उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि गुप्ता, कुमार और सिंह ने 2019-22 के दौरान चंदौली में 9-12 आयु वर्ग के तीन बच्चों का कथित रूप से यौन शोषण किया। उन्होंने इंटरनेट और मैसेजिंग ऐप पर सामग्री को बेचने के लिए अपने कृत्यों को रिकॉर्ड किया।
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आरोपियों के खिलाफ लगाए गए पॉक्सो के कड़े प्रावधान
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जिले में संभवत: यह पहला मामला है, जब किसी को मौत की सजा सुनाई गई हो।
- फोटो : सोशल मीडिया
हालही में चंदौली विशेष अदालत के समक्ष दायर अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के कड़े प्रावधान लगाए हैं।
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ब्ल्यूड और ग्रिंडर से कई अज्ञात के संपर्क में था लोको पाइलट
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ग्रिंडर ऐप
- फोटो : सोशल मीडिया
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि दक्षिण पूर्व रेलवे, राउरकेला (ओडिशा) में तैनात लोको पायलट कुमार एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए ब्ल्यूड और ग्रिंडर दोनों सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के जरिए भवन, गुप्ता और कई अज्ञात व्यक्तियों के संपर्क में था।
नाबालिगों को चॉकलेट, मिठाई आदि का देते थे लालच
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chocolate
- फोटो : istock
एजेंसी ने कहा कि कुमार यौन शोषण सामग्री को साझा करने के लिए गुप्ता से पैसे भी ले रहा था। यह पता चला है कि उक्त व्यक्ति (गुप्ता) ने नाबालिग पीड़ितों के साथ मैत्रीपूर्ण तरीके बातचीत करके, वीडियो गेम खेलने के लिए मोबाइल फोन देकर, उन्हें चॉकलेट, मिठाई, छोटे उपहार और कुछ पैसे देकर लालच दिया।
पीड़ितों को दी परिणाम भुगतने की चेतावनी
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Threat
- फोटो : फाइल फोटो
सीबीआई की ओर से एक बयान में कहा गया है कि उसने पीड़ितों की नग्न तस्वीरें लीं और उन्हें शोषण के खिलाफ आवाज उठा देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। अधिकारियों ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों के पास गुप्ता और कुमार की धमकियों का कोई विकल्प नहीं था।
बच्चों को एक दूसरे के साथ यौन गतिविधियां करने को किया मजबूर
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child crime demo
- फोटो : फाइल फोटो
बयान में कहा गया है कि आरोपी (गुप्ता) ने एक अन्य व्यक्ति (अवनीश कुमार सिंह) को भी बुलाया जो चंदौली में एक निजी संस्थान चलाता है, बच्चों का उत्पीड़न करता है। सीबीआई ने पाया कि बच्चों को एक-दूसरे के साथ यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर किया गया और उकसाया गया।
आरोपियों ने यौन शोषण के तस्वीर और वीडियो को आदान-प्रदान किया
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WhatsApp update Mute Videos
- फोटो : wabetainfo
सीबीआई ने बयान में कहा है कि आरोपी ने मोबाइल फोन पर ऐसी गतिविधियों को कैद कर लिया और इसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सऐप और टेलीग्राम आदि के माध्यम से आगे बढ़ाया।
एजेंसी ने इस साल 29 अप्रैल को इंटरपोल इनपुर के आधार पर भावन और कुमार के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने जनवरी 2015 और फरवरी 2016 के बीच अश्लील, अभद्र और यौन शोषण के तरीकों से बच्चों की तस्वीरें और वीडियो का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुमार, गुप्ता और सिंह के बीच संबंध भी स्थापित हुए और पीड़ितों की पहचान की गई। एजेंसी ने उन तीनों को गिरफ्तार किया है जो अब न्यायिक हिरासत में हैं। जबकि भावन बांदा मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।